खादी डेनिम प्रमोचन (लांच)
युदस न.दि.। केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु तथा मझौले उद्यम मंत्री द्वारा खादी डेनिम का प्रमोचन, खादीग्राम ग्रामोद्योग भवन को मिला, पीएमईजीपी पूर्वोत्तर प्रदर्शनी आईएसओ 9001:2008 प्रमाण पत्र इस अवसर पर विशेष आकर्षण मणिपुर का एक नृत्य कार्यक्रम अद्भुत रहा। केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु तथा मझौले उद्ययम मंत्री कलराज मिश्र ने आज एक विशेष प्रदर्शनी और बिक्री के माध्यम से खादी बाजार को व्यवसाय के अनुरूप बनाने तथा युवाओं को आकर्षित करने के लिए खादी डेनिम प्रारूपित प्रमोचन किया। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु तथा मझौले उद्यम राज्य मंत्री श्री गिरिराज सिंह तथा एमएसएमई मंत्रालय के सचिव श्री माधव लाल भी उपस्थित रहे। डेनिम जींस, जैकेट, स्कर्ट तथा बैग एनआईएफटी स्नातकों द्वारा प्रारूपित किये गये हैं। अन्य व्यावसायिक प्रारूपित भी प्रदर्शनी में बिक्री के लिए उपलब्ध रहे। पीएमईजीपी बिक्री का उद्घाटन किया गया, जो पूरे देश में पीएमईजीपी योजना के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यमियों द्वारा तैयार किये गये उत्पाद दिखायेगा। पहले चरण में पूर्वोत्तर क्षेत्र के सूक्ष्म उद्यमी खादी संस्थानों के साथ अपने उत्पाद पीएमईजीपी विन्डो पर दिखाये। प्रदर्शनी में बेंत, बम्बू, मूंगा सिल तथा अंडीसिल्क जैसे पूर्वोत्तर के उत्पाद तथा दस्तकारी के समान उपलब्ध रहे। खादी ग्राम उद्योग भवन, केवीआईसी, नई दिल्ली को आईएसओ 2001:2008 प्रमाण पत्र समारोह में अधिकृत एजेंसी टीयूवी इंडिया प्राईवेट लिमिटेड द्वारा दिया गया। इस प्रकार खादीग्राम उद्योग भवन अब आईएसओ प्रमाणित संस्थान हो गया। मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
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नरेन्द्र मोदी ने विकास किया गुजरात में, भारत की जनता ने विश्वास किया; नकारात्मक मीडिया के दुष्प्रचार के बाद भी। केंद्र में भाजपा अपने बलबूते सत्ता में आई प्रमुख एजेंडा विकास। न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प। इनके 45 मंत्री समूह के मंत्रालय क्या कार्य कर रहे है, इस पर दृष्टी रखते; आओ, चले विकास की ओर, विकास का दर्पण, के संग। -तिलक सं 9911111611, 7531949051.
Tuesday, June 16, 2015
खादी डेनिम प्रमोचन (लांच)
Saturday, June 13, 2015
उपलब्धियों का एक वर्ष
उपलब्धियों का एक वर्ष
*परमाणु ऊर्जा विभाग
13 जून युदस न दि परमाणु ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों पर प्रेस सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित
डॉ जितेंद्र सिंह: हरियाणा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्वीकृत
प्रगति मैदान नई दिल्ली के विज्ञान केन्द्र में एक केंद्र "परमाणु ऊर्जा हॉल" स्थापित करने की योजना, डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा
वर्तमान सरकार के कार्यालय में एक वर्ष के मध्य परमाणु ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए आज नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पूर्वोत्तर क्षेत्र (पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास विभाग) के विकास राज्य मंत्री पीएमओ, कार्मिक , लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष, डॉ जितेंद्र सिंह कहा की हरियाणा में पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने के लिए स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि अब तक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में भारत के उत्तरी राज्यों जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश, किसी भी तरह सक्रिय रूप से शामिल नहीं थे, अधिकतर देश के अन्य भागों तक ही सीमित किया गया था और इसलिए इस नई पहल के साथ भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम ने एक अखिल भारतीय दृश्यता ग्रहण कर लिया है।
डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री के रूप में गत वर्ष में जुलाई के महीने में अपनी पहली बार भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) के लिए यात्रा में श्री नरेन्द्र मोदी ने वैज्ञानिकों से भारत के परमाणु ऊर्जा क्षमता आगामी दस वर्षों के भीतर बढ़ा कर तीन गुना करने के लिए के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया था और नए दबाव भारी जल रिएक्टर के साथ, गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना (GHAVP) स्थापित किया जाना, आगे आने वाले समय में एक तेजी से कदम के तहत इस तरह की समानता को प्राप्त करने की दिशा में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कल ही, परमाणु ऊर्जा विभाग 1500 करोड़ की एक बीमा पूल शुरू करने में सफल रहा, और इस के साथ गोरखपुर, हरियाणा में 700 मेगावाट की दो इकाइयों की आगे की प्रगति के लिए स्वीकृति दे दी गई है । यह प्रत्येक रिएक्टर 2022 या 2023 द्वारा स्थापित हो जाने की आशा है, उन्होंने कहा।
डॉ जितेंद्र सिंह द्वारा एक अन्य प्रमुख घोषणा, परमाणु ऊर्जा विभाग जो भारत सरकार के दुर्लभ विभागों में से एक जिसका मुख्यालय दिल्ली संघ राजधानी में नहीं, मुंबई में है और शीघ्र ही अपने संघ राजधानी के दिल में प्रगति मैदान में नई दिल्ली के विज्ञान केन्द्र में "परमाणु ऊर्जा के हॉल" नामक एक केंद्र स्थापित करने के लिए योजना बनाई गई है। यह केवल राष्ट्रीय राजधानी में परमाणु ऊर्जा विभाग की दृश्यता की स्थापना नहीं होगी, बल्कि भारतीय परमाणु वैज्ञानिकों द्वारा किया जा रहा काम और उपलब्धियों के प्रकार के बारे में जनता में जागरूकता फैलाने में सहायता मिलेगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए असाधारण संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए देने के कारण, डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री की हाल की यात्रा के मध्य एक सौदा आगामी पांच वर्षों में 3000 टन यूरेनियम प्राप्त करने के लिए पूरा किया गया है, डॉ सिंह ने कहा कि जबकि इसके पूर्व की फ्रांस यात्रा में एक पूर्व इंजीनियरिंग समझौते अरेवा कंपनी फ्रांस के और भारत के एनपीसीआईएल के बीच तथा लार्सन ऐंड टुब्रो और अरेवा के बीच हस्ताक्षर; से भारत की क्षमता में बहुत सुधार होगा जो एक दूसरे को, अपनी ही स्वदेशी उपकरणों और भारी जल रिएक्टर लाइन में, विकसित करने के लिए है, "बनाओ भारत में" लक्ष्य के साथ।
डॉ जितेंद्र सिंह ने, यह महान वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा द्वारा 60 वर्ष पूर्व भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) स्थापित किया जाने की हीरक जयंती वर्ष के मध्य परमाणु ऊर्जा विभाग का एक हिस्सा बनने के एक संयोग के लिए डॉ द्वारा भाग्य को सराहा गया। यह डॉ भाभा के लिए एक श्रद्धांजलि और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक उपलब्धि है कि परमाणु ऊर्जा विभाग के गत कुछ महीनों में, दक्षिण पूर्व एशिया में एक नेतृत्व की भूमिका ग्रहण करने के लिए भारत सक्षम है, एक मील का पत्थर के घटनाक्रम की एक श्रृंखला के माध्यम से परमाणु ऊर्जा सहित फ़रवरी 2015 में श्रीलंका के साथ और बहुत हाल ही में गत माह निर्णय मंगोलिआ में कैंसर रोगियों के लिए दूर-चिकित्सा सुविधा स्थापित करने के लिए समझौते।
परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ आर के सिन्हा, निदेशक बीएआरसी शेखर बसु, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एनपीसीआईएल के.सी. पुरोहित और महानिदेशक पीआईबी फ्रैंक नोरोन्हा भी सम्मेलन में उपस्थित थे।
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Wednesday, February 25, 2015
लोक लुभावन से लोककल्याण तक-रेल बजट
किरायों में परिवर्तन नहीं, सुखद हो यात्रा
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और संयुक्त उद्यमों पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और संयुक्त उद्यमों पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना

2013 रेल बजट से पहले, किराए में एक दशक के लिए वृद्धि नहीं की गई थी, किन्तु फिर भी, पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने दूसरा और शयन श्रेणियों में, बढ़ोतरी की जिसे वापस करने के लिए बाध्य किया गया था। जबकि, गत वर्ष मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत पहले रेल बजट में, किरायों में 6.5 % से 14.2 % और माल ढुलाई से बढ़ गए थे।
"प्रभु की भव्य योजनाओं में 24,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू रहे राष्ट्रीय यातायात में, माल ढुलाई की भागीदारी बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम में, यात्री सेवा के लिए क्रॉस-सब्सिडी कम करने हेतु माल भाड़ा आय से, संभावना की खोज करने की है। यह थी लोक लुभावन से लोककल्याण तक रेल बजट की यात्रा मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
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Tuesday, July 15, 2014
कृषि और कृषक कल्याण योजनाएं (पुनर्गठन)
कृषि और सहकारिता विभाग पहले देश में कृषि विभाग और किसानों के कल्याण की 51 योजनाओं को कार्यान्वित कर रहा था। इन योजनाओं का हाल ही में पुनर्गठन किया गया है। पुनर्गठन के बाद अब ये पांच केन्द्र प्रायोजित मिशन, केन्द्रीय क्षेत्र की पांच योजनाएं और राज्य योजना की एक योजना हो गई हैं। इनके नाम इस प्रकार हैं :-
1. केन्द्र प्रायोजित मिशन
· राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन
· राष्ट्रीय टिकाऊ कृषि मिशन
· राष्ट्रीय तिलहन और ऑयल पाम मिशन
· राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन
· बागवानी के समन्वित विकास का मिशन
2. केन्द्रीय क्षेत्र की योजनाएं
· राष्ट्रीय फसल बीमा कार्यक्रम
· कृषि सहकारिता संबंधी समन्वित योजना
· कृषि विपणन के लिए समन्वित योजना
· कृषि संगणना, अर्थव्यवस्था और सांख्यिकी संबंधी समन्वित योजना
· आर्थिक सेवा सचिवालय
3. राज्य योजना की स्कीम
· राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
इन योजनाओं की राष्ट्रीय, राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर निरंतर समीक्षा की जाती है और मूल्याकंन भी किया जाता है। इसके अतिरिक्त, इन योजना के कार्यान्वयन में आने वाली कमियों का पता लगाने के लिए राज्यों के साथ बैठकों और क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय रबी/खरीफ मौसम के सम्मेलनों के मध्य चर्चा की जाती है। इस प्रकार चिन्हित त्रुटियों को दूर करने के उपायों यथा योजनाओं का सुधार और/अथवा कारगर कार्यान्यन के लिए मार्ग निर्देशों पर संबद्ध राज्य सरकारों के साथ विचार किया जाता है।
यह जानकारी कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उ़द्योग राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान ने आज लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
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Monday, July 14, 2014
गंगा विकास एवं पुनरुद्धार
12वीं योजना के मध्य राष्ट्रीय गंगा नदी थाला विकास प्राधिकरण (एनजीआरबीए), को लिए रुपये 2200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस संस्था को गंगा नदी में प्रदूषण रोकने का काम सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त गंगा नदी के पुनरुद्धार कार्यक्रम पर पूरा बल दिया जा रहा है। कार्यक्रम में विभिन्न हितधारकों से विचार -विमर्श करके गंगा की सफाई में प्रगति की समीक्षा की गई। इस काम में विभिन्न हितघारक हैं, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, जल संसाधन, गंगा पुनरूद्धार और नदी विकास तथा शहरी विकास मंत्रालय, पर्यटन, जहाजरानी, पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता तथा ग्राम विकास मंत्रालय, विभिन्न एनजीओ, विशेषज्ञ भी इस काम में साथ हैं तथा गंगा की सफाई के लिए काम कर रहे हैं। काम में गंगा नदी से जुड़े हुए पर्यावरण और प्रवाह जैसे मुद्दे शामिल हैं और उनके माध्यम गंगा नदी में प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा रहा है।
यह जानकारी आज राज्य सभा में जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरुद्धार राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने एक लिखित उत्तर में दी।
मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
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यह जानकारी आज राज्य सभा में जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरुद्धार राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने एक लिखित उत्तर में दी।
मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
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Sunday, July 13, 2014
पहला अनुसंधान पोत सिंधु साधना,
प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (स्वतंत्र प्रभार), परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष एवं भू-विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज गोवा में मर्मूगावो बंदरगाह पर, एक ऐतिहासिक समारोह में, देश में बना पहला अनुसंधान पोत सिंधु साधना, राष्ट्र को समर्पित किया। इसे हाल ही में सीएसआईआर- राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान द्वारा खरीदा गया था। सिंधु साधना एक बहु विषयी अनुसंधान पोत है, जिसमें आकड़ा संग्रह, ईको साउंडर्स, अकोष्टिक डाप्लर, प्रोफाइलर, स्वा्यत्त मौसम केन्द्र , वायु गुणवत्ता नियंत्रक और कई अन्य विश्व स्तरीय आधुनिक उपकरण लगे हैं।
इस अवसर पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि 30 जून को श्री हरिकोटा से पीएसएलवी 23 उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के बाद सिंधु साधना का जलावतरण विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
इस अवसर पर जहाज के कैप्टन और चालक दल के सदस्यों के अतिरिक्त डीजी सीएसआईआर डॉ. पी एस आहूजा, निदेशक सीएसआईआर - एनआईओ डॉ. एस डब्ल्यू ए नकवी तथा कई अन्य वैज्ञानिक और नाविक उपस्थित थे।
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इस अवसर पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि 30 जून को श्री हरिकोटा से पीएसएलवी 23 उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के बाद सिंधु साधना का जलावतरण विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
इस अवसर पर जहाज के कैप्टन और चालक दल के सदस्यों के अतिरिक्त डीजी सीएसआईआर डॉ. पी एस आहूजा, निदेशक सीएसआईआर - एनआईओ डॉ. एस डब्ल्यू ए नकवी तथा कई अन्य वैज्ञानिक और नाविक उपस्थित थे।
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Friday, July 11, 2014
आंतरिक सुरक्षा, बजटीय प्रावधान
आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और दिल्ली पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए बजटीय प्रावधान में बड़ी वृद्धि की गई है। इसके लिए धनराशि में 12.53% से भी अधिक वृद्धि के साथ गत वर्ष के 56,303.84 करोड़ रूपए से बढ़ाकर, इसे 63,585.26 करोड़ रूपए कर दिया गया है।
पुलिस अनुदान जो केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से संबंधित है, उसमें भी उल्लेखनीय वृद्धि की जा रही है, जैसा कि गृह मंत्रालय वर्तमान वित्त वर्ष के मध्य और भी अधिक बटालियनों को स्थापित करने की योजना बना रहा है। इसके अधीन धनराशि को 13.75% बढ़ाकर 52,264.81 करोड़ रूपए से 59,450.76 करोड़ रूपए किया गया है।
पुलिस बल के अधिकारियों और जवानों द्वारा किये गये योगदान का महत्व देते हुए, राष्ट्रीय पुलिस स्मारक के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
कश्मीर से पलायन करने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए वर्तमान वित्त वर्ष में विशेष सहायता के रूप में 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्य क्षेत्र के साथ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बीच समुचित संचार नेटवर्क स्थापित करने के उद्देश्य से 150 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
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पुलिस अनुदान जो केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से संबंधित है, उसमें भी उल्लेखनीय वृद्धि की जा रही है, जैसा कि गृह मंत्रालय वर्तमान वित्त वर्ष के मध्य और भी अधिक बटालियनों को स्थापित करने की योजना बना रहा है। इसके अधीन धनराशि को 13.75% बढ़ाकर 52,264.81 करोड़ रूपए से 59,450.76 करोड़ रूपए किया गया है।
पुलिस बल के अधिकारियों और जवानों द्वारा किये गये योगदान का महत्व देते हुए, राष्ट्रीय पुलिस स्मारक के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
कश्मीर से पलायन करने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए वर्तमान वित्त वर्ष में विशेष सहायता के रूप में 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्य क्षेत्र के साथ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बीच समुचित संचार नेटवर्क स्थापित करने के उद्देश्य से 150 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
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